Kamalpreet Kaur Biography in Hindi

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नमस्कार दोस्तों आज किस पोस्ट में हम देखने वाले हैं Kamalpreet Kaur की बायोग्राफी बारे में और यह भी जानेंगे कि वह आजकल वह चर्चा क्यों में है? 

क्यों चर्चा में है Kamalpreet Kaur

 Kamalpreet Kaur 6 प्रयासों में 63.70 मीटर दूर तक डिस्कस फेंका है। वह भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी है जो फाइनल तक पहुंची है लेकिन उनका सफर फाइनल तक ही रहा। टोक्यो ओलंपिक में उनका रैंक सिक्स्थ रहा है।

 Kamalpreet Kaur ने 64 मीटर दूर तक चक्का फेंककर फाइनल के लिए उन्होंने क्वालिफिकेशन किया था।

Kamalpreet Kaur Biography in Hindi

Kamalpreet Kaur का जन्म 4 मार्च 1996 में पंजाब में हुआ था. कमलप्रीत कौर एक भारतीय एथलीट है। वह भारत की पहली ऐसी वुमन Athlete है जिन्होंने डिस्कस थ्रो में 65 मीटर barrier थ्रो किया था। कमलप्रीत कौर को गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के द्वारा सपोर्ट किया जा रहा है जो राहुल द्रविड़ के athlete मेंटरशिप प्रोग्राम के अंदर आते हैं।

कमलजीत कौर ने अपने इंटरव्यू दौरान बताया कि उन्हें बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था. कमलप्रीत कौर बचपन से ही सपोर्ट में इंटरेस्ट रखती थी। वह बचपन से ही एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बनना चाहती थी लेकिन उनके कोच ने उन्हें अलग-अलग athletes में भाग लेने के लिए कहा और डिस्कस थ्रो में उन्होंने कई प्राइज जीते।

 शरू के करियर के पॉइंट में उन्हें बहुत ही तकलीफ होती थी क्योंकि वह एक गांव में रहती थी ज्यादा सुविधा नहीं थी इसलिए उन्हें हॉस्टल जाना पड़ रहा था तब उनकी मां इस डिसीजन से खुश नहीं थी लेकिन उन्के पिता ने उन्हें सपोर्ट किया।

Kamalpreet Kaur bio in hindi

कमलप्रीत कौर हॉस्टल जाकर डिस्कस थ्रो की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेने लगी. कमलप्रीत कौर के हार्ड वर्क और ट्रेनिंग की वजह से वह U-18 और U-20 में डिस्कस थ्रो में 2016 में नेशनल चैंपियन रह चुकी है। उन्होंने कई वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में पार्टिसिपेट लिया है।

2018 जकर्ता एशियन गेम्स में कमलप्रीत कौर रिजेक्ट हो गई थी उन्होंने इसे पॉजिटिव लिया और 2019 में उन्होंने federation cup senior athletics championships में गोल्ड मेडल जीता था। 

2019 में गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा उन्हें सपोर्ट मिलने लगा. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया था कि कैसे गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन ने उनकी जिंदगी बदल दी।

2020 में फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप पटियाला में अच्छा रिकॉर्ड बनाकर उन्होंने टोक्यो में 2020 में अपनी जगह बना ली थी लेकिन कोरोनावायरस के कारण टोक्यो ओलंपिक्स को 2021 में रखा गया. 

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी बताया था कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में लोक डाउन के कारण उन्होंने घर में ही इसकी प्रैक्टिस की थी जिसमें वह डबल बेड को उठाते थे. फ्लावर पॉट को डंबल समझ के एक्सरसाइज करते थे।

इस गेम की बात करें तो इसमें आपको बहुत ताकत की जरूरत पड़ती है इसलिए athletes को नॉन वेज खाना पड़ता है लेकिन कमलप्रीत कौर की बहुत ही खास बात यह है कि उन्होंने शाहकारी भोजन लेकर अपना रिकॉर्ड बनाया है। उनका यह कहना है कि वह ओलंपिक्स में सिर्फ शाहकारी भोजन लेकर ही भाग लेगी वरना गेम नहीं खेलेगी। शाहकारी भोजन के साथ ही उन्होंने फाइनल में पहुंचकर सबको हैरान कर दिया था और आज पूरे भारत को कमलप्रीत कौर पर गर्व है।

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